पहली डेट पर क्या गिफ्ट देना चाहिए?
पहली डेट पर गिफ्ट ले जाना जरूरी नहीं है। समय पर पहुँचना, ध्यान से सुनना और मुलाकात को सहज बनाना अच्छी शुरुआत है। कुछ देना चाहें तो पिछली बातचीत से जुड़ी छोटी चीज चुनें।
सरल कसौटी: क्या इसका कारण एक वाक्य में बता सकते हैं? क्या वह इसे आसानी से ले जा सकेगी और बिना असहज हुए मना कर सकेगी? जवाब साफ न हो तो बिना गिफ्ट जाएँ।
बिना गिफ्ट जाना भी पूरा विकल्प है।
एक वास्तविक साझा रुचि से छोटी चीज जोड़ें।
कीमत और साथ ले जाने का ध्यान रखें।
मना करने या अलग प्रतिक्रिया की जगह दें।
बातचीत को आधार बनाएँ
मान लें उसने किसी लेखक की किताब पढ़ने की इच्छा बताई थी और आपके पास उसकी अतिरिक्त प्रति है। पूछ सकते हैं कि क्या वह लेना चाहेगी। इससे अलग है महंगी चीज खरीदकर उम्मीद करना कि डेट अच्छी ही जाएगी।
खुद से पूछें, “अगर आगे हम सिर्फ दोस्त रहें, तब भी क्या यह गिफ्ट उचित लगेगा?” नहीं लगे तो उसे आगे के लिए रहने दें। अभी एक-दूसरे की पसंद और सहजता जानना उपयोगी है।
तीन छोटे विकल्प
जिस किताब की बात हो चुकी है
किताब का नाम, भाषा और उसकी इच्छा स्पष्ट हों। ध्यान दें कि पूरे दिन उसे यह उठानी तो नहीं पड़ेगी। कह सकते हैं, “तुमने इस किताब की बात की थी। मेरी एक अतिरिक्त प्रति है, चाहो तो ले सकती हो।”
अभी से लंबा रोमांटिक समर्पण लिखना जरूरी नहीं। वह किताब न चाहे तो बिना पूछताछ उसे अपने पास रखें।
पसंदीदा पैक्ड नाश्ता
यह तब सोचें जब वास्तविक पसंद और सामग्री पता हो। खाने की पाबंदी या एलर्जी का अनुमान न लगाएँ। ऐसी चीज न दें जिसे फ्रिज चाहिए और आप कई घंटे बाहर रहने वाले हैं। आकार भी छोटा रहे।
साझा रुचि की छोटी चीज
किसी चर्चा वाली प्रदर्शनी का पोस्टकार्ड या बुकमार्क विकल्प हो सकता है। कारण साफ हो: “उस प्रदर्शनी की बात याद आई थी।” संबंध ढूँढने के लिए बहुत लंबी कहानी बनानी पड़े तो गिफ्ट छोड़ देना सहज चुनाव है।
अभी किन चीजों पर ठहरें?
रिंग, बहुत व्यक्तिगत कपड़े, महंगी ज्वेलरी और बड़ी रोमांटिक प्रस्तुति ऐसे अर्थ पैदा कर सकती हैं जिन पर बात नहीं हुई। पहले पसंद और सहजता जानें।
बड़ा गुलदस्ता भावनात्मक होने के साथ व्यावहारिक सवाल भी है: उसे सैर, खाने और घर लौटने के दौरान कहाँ रखेंगे? फूल सोच रहे हैं तो पूछें कि उन्हें लेना अच्छा लगेगा या नहीं। कोई चीज सबको पसंद नहीं होती।
| जाँच | बात अस्पष्ट हो तो |
|---|---|
| क्या उसने रुचि दिखाई? | पूछें या छोड़ दें |
| क्या खर्च सहज है? | छोटी चीज चुनें |
| क्या साथ ले जाना आसान है? | किसी और समय रखें |
| क्या वह मना कर सकती है? | देने का तरीका बदलें |
देते समय कम कहना पर्याप्त है
“तुमने इसका जिक्र किया था, सोचा अच्छा लगेगा।” फिर उसे अपनी प्रतिक्रिया देने दें। कीमत बताना, तुरंत खोलने को कहना या धन्यवाद का खास तरीका अपेक्षित करना जरूरी नहीं।
गिफ्ट से डेट जारी रखने, स्नेह लौटाने या दूसरी मुलाकात की जिम्मेदारी नहीं बनती। वह मना करे तो “ठीक है” कहकर सहज रहें।
एक काल्पनिक कैफे मुलाकात में दो लोग पहले हुई किताबों की बातचीत आगे बढ़ाते हैं। एक छोटा बुकमार्क देना उचित लग सकता है, लेकिन बिना गिफ्ट ध्यान से हुई बातचीत भी उतनी ही पूरी मुलाकात है।
आम सवाल
खाली हाथ जाना रूखा लगेगा?
नहीं। गिफ्ट वैकल्पिक है; ध्यान मुलाकात पर दें।
ज्वेलरी ला सकते हैं?
पहले उसकी पसंद और सहजता जानना बेहतर है। खास चीज पर पहले बात हुई हो तो स्वागत होगा या नहीं, पूछें।
फूल हमेशा अच्छे होते हैं?
नहीं। पसंद, एलर्जी, जगह और साथ ले जाने की सुविधा देखें।